महराजगंज: भारत-नेपाल सीमा से सटे नौतनवा थाना क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह उस वक्त सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए, जब ग्रामीणों ने एक संदिग्ध महिला को बैरिया बाजार के पास देखा। ग्रामीणों की सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया है। मामला विदेशी नागरिक और राष्ट्र की सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण स्थानीय पुलिस ने तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद एलआईयू (LIU), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), इमीग्रेशन विभाग और सीमा सुरक्षा बल (SSB) की संयुक्त टीमें मौके पर पहुंच गईं और महिला से पूछताछ शुरू कर दी है।
‘हुआ जिए जे’ के रूप में हुई संदिग्ध की पहचान
पुलिस सूत्रों से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हिरासत में ली गई महिला की पहचान ‘हुआ जिए जे’ (Hua Jie Je) के रूप में हुई है, जो तिब्बत (चीन) की निवासी बताई जा रही है। हालांकि, अभी तक आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन एजेंसियां महिला के पास मौजूद दस्तावेजों, उसके यात्रा मार्ग और मोबाइल संपर्कों की गहनता से जांच कर रही हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिकारी अभी कुछ भी खुलकर बोलने से बच रहे हैं, लेकिन सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया है।
बिना सहयोग के बॉर्डर क्रॉस करने पर गहराया रहस्य
सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि भाषा और क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति से पूरी तरह अनजान यह महिला अकेले भारतीय सीमा में इतनी अंदर तक कैसे पहुंच गई? आशंका जताई जा रही है कि महिला ने मुख्य रास्ते के बजाय अवैध पगडंडियों का सहारा लिया है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन रास्तों से बिना किसी स्थानीय ‘हैंडलर’ या सहयोग के बॉर्डर क्रॉस करना लगभग असंभव है। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि सीमा पार कराने में किस गिरोह या व्यक्ति ने इसकी मदद की है।
भाषा की दीवार से पूछताछ में आ रही बाधा
नौतनवा के थानाध्यक्ष पुरुषोत्तम राव ने बताया कि जांच प्रक्रिया में सबसे बड़ी बाधा भाषा बन रही है। महिला हिंदी या अंग्रेजी समझने में असमर्थ है, जिससे पूछताछ की गति धीमी पड़ गई है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां एक ट्रांसलेटर (दुभाषिए) का प्रबंध कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि ट्रांसलेटर के आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी कि महिला के भारत आने का असली मकसद क्या था और क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है।