लखनऊ: भारत निर्वाचन आयोग ने अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम में बड़ा बदलाव किया है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब दावों और आपत्तियों के निस्तारण से लेकर अंतिम प्रकाशन तक की सभी महत्वपूर्ण तिथियों को आगे बढ़ा दिया गया है।
6 जनवरी को प्रकाशित होगी मसौदा मतदाता सूची
संशोधित कार्यक्रम के तहत निर्वाचन क्षेत्रों की मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन अब 6 जनवरी 2026, मंगलवार को किया जाएगा। इसी तारीख से दावे और आपत्तियां दाखिल करने की खिड़की खुल जाएगी, जो एक महीने तक यानी 6 फरवरी 2026, शुक्रवार तक सक्रिय रहेगी। इस दौरान नागरिक अपने नाम और विवरणों की जांच कर सकेंगे।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अर्हता तिथि 01 जनवरी, 2026 के आधार पर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की घोषित तिथियों में संशोधन करते हुए नई तिथियां जारी कर दी गई है।
— CEO Uttar Pradesh (@ceoup) December 30, 2025
संशोधित तिथियों के अनुसार अब मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन 06 जनवरी, 2026 को किया जाएगा। दावे और…
27 फरवरी तक होगा दावों और आपत्तियों का निपटारा
आयोग द्वारा निर्धारित नई समय-सीमा के अनुसार, ईआरओ (EROs) द्वारा दावों और आपत्तियों का निस्तारण 27 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। इस अवधि में एन्यूमरेशन फॉर्म पर नोटिस जारी करने, सुनवाई करने और स्थलीय सत्यापन (वेरिफिकेशन) की प्रक्रिया एक साथ पूरी की जाएगी, ताकि मतदाता सूची की शुद्धता शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जा सके।
6 मार्च को होगा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन
निर्वाचन आयोग की अनुमति और हेल्थ पैरामीटर्स की गहन जांच के बाद 6 मार्च 2026 को संशोधित मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया जाएगा। इससे पहले 3 मार्च 2026 तक आयोग से अंतिम अनुमति लेने की प्रक्रिया को पूरा करना अनिवार्य होगा। इस संशोधन का उद्देश्य हर पात्र व्यक्ति को मतदान का अधिकार देना है।