गोरखपुर: नगर का इतिहास, संस्थाएं, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, स्थापना वर्ष, महत्वपूर्ण व्यक्तित्व, और ऐतिहासिक तथ्यों का पूरा लेखाजोखा यहां देखें…
गोरक्षनगरी महाजनद काल के पहले से धर्म, कर्म, और आध्यात्म की राह पर मार्गदर्शन करने वाले संतों, ऋषियों की भूमि रही है. इसकी सांस्कृतिक जड़ें बहुत गहरी रही हैं. चावल की पहली बार खेती के पुष्ट प्रमाण अगर इस धरा पर मिले हैं तो यही वह भूमि है जहां से दुनिया को महात्मा बुद्ध मिले. योगीराज गोरक्षनाथ की तपोस्थली रही गोरख नगरी के राजनीतिक, प्रशासनिक, सामाजिक, और सांस्कृति प्रश्नों के जवाब आपको यहां मिलेंगे. यहां संकलित किए गए सभी तथ्य प्रामाणिक जानकारी के आधार पर हैं. इसका लक्ष्य नई पीढ़ी को सभी प्राचीन तथ्यों से अवगत कराना है। — प्रधान संपादक
गोरखपुर: इतिहास और प्रशासन
स्थापना और नामकरण
- गोरखपुर का नाम किस संत के नाम पर रखा गया है और इसका क्या अर्थ है? गोरखपुर का नाम प्रसिद्ध तपस्वी और नाथ संप्रदाय के प्रमुख संत गुरु गोरक्षनाथ (गोरखनाथ) के नाम पर रखा गया है। “गोरखपुर” संस्कृत के “गोरक्षपुरम” से आया है, जिसका अर्थ है गोरक्षनाथ का निवास।
- 10वीं शताब्दी में गोरखपुर का शासक कौन था? 900-950 ईस्वी के दौरान थारू राजा मदन सिंह को गोरखपुर और उसके आसपास के क्षेत्र पर शासन करने के लिए जाना जाता है।
- गोरखपुर को पूर्व मध्यकाल में किस नाम से जाना जाता था? पूर्व मध्यकाल में इस शहर का नाम सरयूपार हुआ करता था, जिसका उल्लेख कई अभिलेखों में मिलता है।
- गोरखपुर का पुराना नाम क्या था? साल 1600 के दशक के अंत में, मुअज्जम (बाद में बहादुर शाह प्रथम) के सम्मान में गोरखपुर का नाम आधिकारिक तौर पर मुअज्जमाबाद रखा गया था, और 1801 में ब्रिटिश अधिग्रहण तक आधिकारिक दस्तावेजों में इस नाम का उपयोग किया गया था।
- गोरखपुर जिला कब बना और यह किसके अधीन आया? गोरखपुर जिला 1801 में बना था, जब इसे अवध के नवाब से ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को हस्तांतरित किया गया था। उस समय, गोरखपुर को एक जिले का दर्जा दिया गया था।
- गोरखपुर कमिश्नरी कब बना और इसके पहले जिलाधिकारी कौन थे? 1829 में, गोरखपुर को एक मंडल (कमिश्नरी) का मुख्यालय बनाया गया, जिसमें गोरखपुर, गाजीपुर और आजमगढ़ जिले शामिल थे। गोरखपुर के पहले जिलाधिकारी (कलेक्टर) मिस्टर रूटलेज थे।
- 19वीं शताब्दी में गोरखपुर में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किसने किया? 19वीं शताब्दी में, राजा हरप्रसाद मल्ल ने गोरखपुर में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वर्तमान प्रशासन
- गोरखपुर के वर्तमान जिलाधिकारी (District Magistrate – DM) कौन हैं? गोरखपुर के वर्तमान जिलाधिकारी (District Magistrate – DM) दीपक मीणा हैं, जो एक आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने 30 जुलाई, 2025 को कार्यभार संभाला।
- गोरखपुर के वर्तमान कमिश्नर कौन हैं? गोरखपुर के वर्तमान कमिश्नर श्री अनिल ढींगरा हैं।
- गोरखपुर के वर्तमान एसएसपी (Senior Superintendent of Police) कौन हैं? गोरखपुर के वर्तमान एसएसपी राजकरण नैयर हैं। उन्होंने 8 मई, 2025 को पदभार संभाला।
- गोरखपुर के वर्तमान डीआईजी (Deputy Inspector General) कौन हैं? गोरखपुर रेंज के वर्तमान डीआईजी एस. चन्नप्पा हैं।
- वर्तमान में गोरखपुर कमिश्नरी (मंडल) में कितने जिले शामिल हैं? गोरखपुर मंडल में चार जिले शामिल हैं — गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महाराजगंज।
- गोरखपुर जिले में कुल कितने पुलिस स्टेशन (थाने) हैं? गोरखपुर जिले में कुल 29 पुलिस स्टेशन (थाने) हैं।
नगर निगम और स्थानीय शासन
नगर निगम का विकास
- गोरखपुर नगर पालिका कब बना? 1869 में गोरखपुर में एक नगरपालिका समिति के रूप में इसकी स्थापना हुई थी, जो 1884 में नगरपालिका बोर्ड बन गई। 1916 में तत्कालीन गवर्नर जनरल ने उत्तर प्रदेश में म्यूनिसिपल एक्ट का अनुमोदन किया था, तब गोरखपुर को पालिका श्रेणी तीन में रखा गया था। तब इसके पहले अध्यक्ष मो. खलील बने थे। वर्ष 1949 में गोरखपुर शहर को नगरपालिका श्रेणी दो और वर्ष 1956 में नगरपालिका श्रेणी एक के रूप में संगठित किया गया।
- गोरखपुर शहर नगर महापालिका कब बना? गोरखपुर शहर को 1982 में नगर महापालिका का दर्जा मिला।
- गोरखपुर शहर में नगर निगम कब अस्तित्व में आया? 30 मई 1994 को नगर महापालिका को नगर निगम का दर्जा दिया गया।
नगर निगम के प्रमुख और चुनाव
- गोरखपुर शहर के प्रथम नगर प्रमुख कौन थे? गोरखपुर नगर निगम में पवन बथवाल प्रथम नगर प्रमुख के पद पर मनोनीत हुए थे।
- गोरखपुर नगर निगम के चुनाव पहली बार कब हुए थे? गोरखपुर नगर निगम का सबसे पहला चुनाव 1994 में हुआ था।
- गोरखपुर नगर निगम के प्रथम निर्वाचित नगर प्रमुख कौन थे? 1994 में हुए नगर निगम के प्रथम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के रूप में राजेंद्र शर्मा प्रथम निर्वाचित नगर अध्यक्ष चुने गए।
- गोरखपुर नगर निगम चुनाव में किन्नर आशा देवी कब निर्वाचित हुईं? गोरखपुर नगर निगम के साल 2000 के चुनाव में किन्नर आशा देवी को जनता ने मेयर के रूप में चुना था।
- गोरखपुर नगर निगम चुनाव 2006 में मेयर के रूप में जनता ने किसे निर्वाचित किया? गोरखपुर नगर निगम चुनाव 2006 में अंजू चौधरी ने जीत हासिल की। वह शहर की प्रथम निर्वाचित महिला मेयर बनीं।
- गोरखपुर नगर निगम चुनाव 2012 में कौन विजयी हुआ? गोरखपुर नगर निगम के साल 2012 में हुए चुनावों में मेयर पद के लिए भाजपा प्रत्याशी सत्या पांडेय विजयी हुईं।
- गोरखपुर नगर निगम चुनाव 2017 में कौन विजयी हुआ? गोरखपुर नगर निगम के साल 2017 में हुए चुनावों में भाजपा प्रत्याशी सीताराम जायसवाल विजयी होकर शहर के महापौर बने।
- गोरखपुर नगर निगम चुनाव 2023 में कौन विजयी हुआ? गोरखपुर नगर निगम के साल 2023 में हुए चुनावों में भाजपा प्रत्याशी डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव विजयी होकर शहर के महापौर बने।
प्रतिनिधि और भौगोलिक इकाइयाँ
- गोरखपुर जिले में कितने विधानसभा क्षेत्र आते हैं? गोरखपुर जिले में कुल नौ विधानसभा क्षेत्र आते हैं — कैम्पियरगंज, पिपराइच, गोरखपुर नगरीय, गोरखपुर ग्रामीण, सहजनवा, खजनी, चौरीचौरा, बांसगांव, चिल्लूपार।
- गोरखपुर जिले में कितने लोकसभा क्षेत्र आते हैं? गोरखपुर जिले में दो लोकसभा सीटें हैं — गोरखपुर, बांसगांव।
- गोरखपुर के वर्तमान सांसद कौन हैं? गोरखपुर के वर्तमान सांसद रविन्द्र श्यामनारायण शुक्ल उर्फ़ रवि किशन हैं। रवि किशन भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं।
- गोरखपुर जिले में कुल कितने टाउन एरिया हैं? गोरखपुर जिले में कुल 11 टाउन एरिया हैं।
- गोरखपुर जिले में कुल कितनी ग्राम पंचायतें हैं? गोरखपुर जिले में कुल 1294 ग्राम पंचायतें हैं।
- वर्तमान में गोरखपुर जिले में कुल कितने जिला पंचायत सदस्य हैं? वर्तमान में गोरखपुर जिले में कुल 177 जिला पंचायत सदस्य हैं।
शिक्षा और प्रमुख संस्थान
शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना
- सेंट एंड्रयूज कॉलेज की स्थापना कब हुई? 1899 में चर्च मिशनरी सोसाइटी ने सेंट एंड्रयूज कॉलेज की स्थापना की। 1828 में एक छोटे से मिशनरी स्कूल से शुरू होकर, यह 1899 के बाद से एक पूर्ण डिग्री कॉलेज बन गया।
- गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना कब हुई और इसके प्रथम कुलपति कौन थे? गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना 1957 में हुई। इसके सबसे पहले कुलपति बी.एन. झा थे, जिन्होंने 11 अप्रैल, 1957 को कार्यभार संभाला था।
- मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना कब हुई और यह कब एक तकनीकी विश्वविद्यालय बना? मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज (एमएमएमईसी) की स्थापना 1962 में तीसरी पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत गोरखपुर में की गई थी। इसे 2013 में मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के रूप में अपग्रेड किया गया था।
- बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज की स्थापना कब हुई? बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर की स्थापना 1969 में हुई थी। इसकी आधारशिला तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री चंद्र भानु गुप्ता ने रखी थी।
- दिग्विजयन नाथ डिग्री कॉलेज की स्थापना कब हुई? दिग्विजय नाथ डिग्री कॉलेज की स्थापना 25 अगस्त, 1969 को हुई थी। यह महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद, गोरखपुर के अधीन गठित प्रबंध समिति द्वारा स्थापित किया गया था।
वर्तमान शैक्षणिक नेतृत्व
- दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय, गोरखपुर की वर्तमान कुलपति कौन हैं? दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय, गोरखपुर की वर्तमान कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन हैं।
- मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के वर्तमान वाइस चांसलर कौन हैं? मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर (एमएमएमयूटी) के वर्तमान वाइस चांसलर प्रोफेसर जय प्रकाश सैनी हैं। उन्होंने 27 सितंबर, 2023 को पदभार ग्रहण किया।
- गोरखपुर में वर्तमान में कुल कितने विश्वविद्यालय हैं? गोरखपुर में चार विश्वविद्यालय — दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, आयुष विश्वविद्यालय और महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय हैं।
पर्यटन, संस्कृति और अर्थव्यवस्था
प्रमुख स्थल और संस्थान
- गीता प्रेस की स्थापना कब और किसने की? गोरखपुर में गीता प्रेस की स्थापना 29 अप्रैल 1923 को हुई। इसकी स्थापना जय दयाल गोयनका, हनुमान प्रसाद पोद्दार और घनश्याम दास जालान द्वारा की गई थी।
- गोरखपुर के मुख्य पर्यटन और धार्मिक स्थल कौन से हैं? गोरखपुर के प्रमुख आकर्षणों में गोरखनाथ मंदिर, गीता प्रेस, रामगढ़ ताल, विष्णु मंदिर, गीता वाटिका और चौरीचौरा शहीद स्मारक शामिल हैं।
- गोरखपुर में कौन-कौन सी प्रमुख कंपनियाँ स्थित हैं? गोरखपुर में कई प्रमुख कंपनियाँ हैं, जिनमें गैलेंट ग्रुप (स्टील और रियल एस्टेट), कोका-कोला, बिसलेरी, पेप्सिको और सीपी मिल्क (ज्ञान डेयरी) शामिल हैं, जो गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) में स्थित हैं। इसके अलावा, कई सॉफ्टवेयर और आईटी कंपनियाँ भी गोरखपुर में मौजूद हैं, जैसे कि कोडजेस्चर, हाई-टेक सॉल्यूशंस, और टोरेंट इन्फोटेक।
भूगोल और जनसांख्यिकी
- गोरखपुर शहर किन नदियों के किनारे पर बसा है? गोरखपुर शहर राप्ती और रोहिणी नदियों के तट पर बसा है।
- गोरखपुर जिले की कुल जनसंख्या कितनी है? गोरखपुर जिले की कुल जनसंख्या 4,440,895 है।
- गोरखपुर की आधिकारिक भाषाएँ क्या हैं? गोरखपुर की आधिकारिक भाषा हिंदी है। यहां की बोली भोजपुरी है, जबकि उर्दू भी व्यवहार में है।
रेलवे
- गोरखपुर जं. रेलवे स्टेशन की स्थापना कब हुई? गोरखपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन (Gorakhpur Station) की स्थापना 15 जनवरी 1885 को हुई थी।
- गोरखपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म की क्या विशेषता है? गोरखपुर रेलवे जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 की लंबाई 1,366.33 मीटर (4,483 फीट) है। यह दुनिया का दूसरा सबसे लंबा रेलवे प्लेटफॉर्म है।
- गोरखपुर में पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय की स्थापना कब हुई? पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय की स्थापना 14 अप्रैल 1952 को हुई थी।