दिसंबर 2025 है कंप्लीशन डेट, कमिश्नर ने काम में तेजी लाने के निर्देश दिए
Gorakhpur: इस साल बारिश में शहर में जलभराव की समस्या नहीं होगी. इससे निजात दिलाने के लिए गोड़धोइया नाले के निर्माण कार्य को प्रशासन ने गति दी है. बारिश से पहले ही नाले का एक हिस्सा तैयार करने का लक्ष्य है ताकि जल निकासी में कोई बाधा न आए. यूं तो गोड़धोइया नाला प्रोजेक्ट को दिसंबर 2025 तक पूरा किया जाना है, लेकिन कमिश्नर अनिल ढींगरा ने जल निगम और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बारिश तक इस प्रोजेक्ट का मैक्सिमम काम पूरा करा लिया जाए.

कार्यदायी संस्था जल निगम ने प्रशासन को जो रिपोर्ट दी है उसके अनुसार, नाले की दीवार का निर्माण पूरा हो चुका है. बशारतपुर में मकानों के सर्वे का काम चल रहा है. नाला निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने का काम भी तेजी से चल रहा है. बशारतपुर के आदित्यपुरी और शाहपुर के मैत्रीपुरम कालोनी में 30 लोगों ने मुआवजा लेने के बाद भी निर्माण नहीं तोड़ा है. साथ ही, 66 लोग ऐसे हैं जिन्होंने मानक से कम ही निर्माण तोड़ा है. 36 और ऐसे मकान आईडेंटिफाई किए गए हैं जिनकी वजह से 1.80 किलोमीटर में निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा था. बाद में, लोगों ने खुद ही निर्माण तोड़ना शुरू कर दिया.
अभी तक जंगल क्षत्रधारी, सेमरा, हरसेवकपुर, बशारतपुर, शाहपुर, जंगल मातादीन, जंगल तुलसीराम में 3.80 किमी लंबाई में आरसीसी नाला का निर्माण पूरा हो चुका है. जयरामपुर, कटकट एवं मोहद्दीपुर क्षेत्र में 1.40 किमी लंबाई में कच्चा नाला बनाया जा चुका है. रेलवे कालोनी के पीछे एसटीपी का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और मेन पंपिंग स्टेशन (एमपीएस) का निर्माण कार्य भी लगभग 55 प्रतिशत पूरा हो गया है.
अप्रैल 2023 में शुरू हुआ था काम: गोड़धोइया नाले को चैनलाइज करने और रामगढ़ताल के जीर्णोद्धार, इंटरसेप्शन, डायवर्जन और ट्रीटमेंट का काम यूपी जल निगम कर रहा है. पहली अप्रैल 2023 से गोड़धोइया नाले का निर्माण कार्य शुरू किया था. इस प्रोजेक्ट के तहत 9.20 किमी लंबा नाला बनाया जाना है. इसके साथ ही, 17.94 किमी लंबी इंटरसेप्टिंग सीवर लाइन डाली जानी है. 38 एमएलडी का एक एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) और 61 एमएलडी का एमपीएस (मेन पम्पिंग स्टेशन) का निर्माण भी किया जा रहा है.