47 करोड़ से होना है निर्माण, प्रथम फेज में पांच करोड़ स्वीकृत
Gorakhpur: रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम का कायाकल्प होने जा रहा है। स्टेडियम को अब अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार नया रूप दिया जाएगा। इसके लिए शासन ने हरी झंडी दे दी है और 47 करोड़ 42 लाख 36 हजार रुपये की परियोजना को मंजूरी मिल गई है। पहले चरण में पांच करोड़ रुपये जारी भी कर दिए गए हैं, जिससे जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होकर निर्माण कार्य आरंभ हो सकेगा। इसकी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को सौंपी गई है, जिसे दो साल के भीतर निर्माण कार्य पूरा करना होगा।
दर्शकों के लिए बनेगा आधुनिक पवेलियन
इस परियोजना के तहत स्टेडियम में कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। दर्शकों के बैठने के लिए आधुनिक पवेलियन का निर्माण किया जाएगा, जिसमें एक साथ 2000 दर्शक बैठकर खेलों का आनंद ले सकेंगे। 12.32 एकड़ में फैले स्टेडियम परिसर में एक इंडोर स्पोर्ट्स हॉल भी बनेगा, जहां बैडमिंटन, टेबल टेनिस, बास्केटबॉल, जिम्नास्टिक, फुटबॉल, हैंडबॉल, नेटबॉल और वॉलीबॉल जैसे खेलों के लिए 12 कोर्ट बनाए जाएंगे। खिलाड़ियों के लिए वेटलिफ्टिंग और जूडो के लिए अलग हॉल की व्यवस्था होगी। इसके अलावा, स्टोर, टॉयलेट, कैफेटेरिया, किचन, फायर कंट्रोल रूम और सीसीटीवी कैमरा रूम जैसी आधुनिक सुविधाएं भी बनाई जाएंगी। स्नूकर, बिलियर्ड और बॉक्सिंग के लिए भी अलग हॉल बनेंगे, जिनमें स्टोर, लाइब्रेरी, कांफ्रेंस रूम और टॉयलेट की सुविधा होगी। बहुउद्देशीय हॉल में हैंडबॉल, बास्केटबॉल, टेबल टेनिस और बैडमिंटन की इंडोर प्रतियोगिताएं आयोजित की जा सकेंगी।
खिलाड़ियों के लिए सिंथेटिक ट्रैक और मल्टीपर्पज फील्ड
खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए 400 मीटर का सिंथेटिक ट्रैक बनाया जाएगा, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा। मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स फील्ड पर फुटबॉल पिच, स्टैंडर्ड ट्रैक, लॉन्ग एवं ट्रिपल जंप, वाटर जंप, जेवलिन थ्रो, डिस्कस थ्रो, हैमर थ्रो, पोल वॉल्ट, शॉर्टपुट और हाई जंप की सुविधाएं भी मिलेंगी।
1959 में बना था जिम्नास्टिक हॉल, सब नये सिरे से बनेगा
स्टेडियम के कुछ पुराने ढांचे, जैसे 1959 में बना जिम्नास्टिक हॉल, 1960 में बना पुराना कार्यालय भवन, 1982 में बना पुराना वेटलिफ्टिंग हॉल, 1983 में बना कार्यालय भवन, 1984 में बना बॉक्सिंग हॉल और चेंजिंग रूम को ध्वस्त कर दिया जाएगा। 1984 में बना बॉक्सिंग हॉल और 1998 में बने तरणताल को दूसरे चरण में ध्वस्त कर नए सिरे से बनाया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेलों के आयोजन की राह खुलेगी
यह परियोजना गोरखपुर के खेल प्रेमियों के लिए एक बड़ी सौगात है। लंबे समय से शहर के खिलाड़ी एक ऐसे स्टेडियम की मांग कर रहे थे जो अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस हो। अब जब सरकार ने इस दिशा में कदम उठाया है, तो उम्मीद है कि जल्द ही गोरखपुर में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेलों का आयोजन हो सकेगा।